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भारत बायोटेक Covaxin पहले फेज के क्लीनिकल ट्रायल में पास, वॉलनिटर्स को दिया गया दूसरा डोज

भारत बायोटेक- आईसीएमआर की तरफ से बनाई जा रही कोविड-19 वैक्सीन के पहले फेज का क्लीनिकल ट्रायल (Corona vaccine human Trial) सफल रहा है। ट्रायल के शुरुआती नतीजों के बाद कहा गया है कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। भारत बायोटेक और जायडस कैडिला की वैक्सीन का छह शहरों में ह्यूमन ट्रायल चल रहा है.

भारत के 12 शहरों में 375 वॉलनटिअर्स पर कोरोना वायरस वैक्सीन का टेस्ट किया गया। हर एक वॉलनटिअर को वैक्सीन के दो डोज दिए जा चुके हैं। अब उनके ऊपर नजर रखी जा रही है।

वैक्सीन के नहीं आए साइड इफैक्ट्स पीजीआई रोहतक (PGI Rohtak) में चल रहे ट्रायल की टीम लीडर सविता वर्मा ने कहा, ‘वैक्सीन सुरक्षित है। हमने जितने भी वॉलनटिअर्स को यह वैक्सीन लगाई है उनमें से किसी को भी विपरीत असर नहीं हुआ है।’ वॉलनटिअर्स को अब दूसरी खुराक देने की तैयारी चल रही है। उससे पहले जांचकर्ता वॉलनटिअर्स के ब्लड सैंपल कलेक्ट कर रहे हैं, ब्लड सैंपल की जांच से वैक्सीन की प्रतिरक्षा (इम्युनॉजेनिसिटी) का परीक्षण किया जाएगा।

फीलीपींस के राष्ट्रपति रॉड्रिगो दुतेर्ते के प्रवक्ता ने कहा है कि वैक्सीन के पहले दो फेज के क्लीनिकल ट्रायल की सितंबर में समीक्षा होगी। यह समीक्षा वैक्सीन विशेषज्ञ पैनल करेगा। तीसरे फेज का ट्रायल अक्टूबर 2020 से मार्च 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा। मॉस्को में गमालया नैशनल रिसर्च इंस्टिट्यूट वैक्सीन विकसित कर रहा है। अप्रैल 2021 तक फूड ऐंड ड्रग ऐडमिनिस्ट्रेशन में वैक्सीन को पंजीकृत करा लिया जाएगा। 1 मई 2021 को राष्ट्रपति इसे लॉन्च करेंगे।

ब्राजील के स्टेट ऑफ पराना ने बुधवार को रूस के नए कोरोनावायरस वैक्सीन के परीक्षण और उत्पादन के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। हालांकि अधिकारियों ने यह जोर देकर कहा कि उन्हें पहले इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता के बारे में सुनिश्चित करना होगा। दक्षिणी राज्य के अधिकारियों ने कहा कि वैक्सीन को ब्राजील में बनाने से पहले ब्राजील के नियामक अनुमोदन, तीनों चरण के क्लीनिकल ट्रायल और बड़े स्तर पर ह्यूमन टेस्टिंग करना जरूरी होगा।

COVID-19 वैक्सीन की पहली खेप दो सप्ताह के अंदर आ जाएगी। उन्होंने कहा है कि कोरोनोवायरस के खिलाफ टीकाकरण स्वास्थ्य कर्मियों सहित सभी के लिए स्वैच्छिक होगा।

फिलिपींस ने स्पुतनिक-V को लेकर वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों के साथ करार किया है। लगभग 1,000 स्वस्थ फिलिपिनों को अक्टूबर तक रूस के कोरोनावायरस वैक्सीन की पहली खुराक मिलेगी।

शुरू हुआ दूसरे चरण का ब्लड सैंपल कलेक्शन
सविता वर्मा ने कहा, ‘अब हमें यह पता चल गया है कि वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। अब हम दूसरे चरण में यह पता करेंगे कि वैक्सीन कितनी प्रभावी है। उसके लिए हम लोगों ने ब्लड सैंपल लेने शुरू कर दिए हैं।’

एम्स में 16 वॉलनटिअर्स को लगाई गई थी वैक्सीनअखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली में प्रमुख अन्वेषक संजय राय ने कहा, ‘यह वैक्सीन सुरक्षित है’ एम्स (AIIMS) में भारत बायोटेक वैक्सीन के परीक्षण के लिए 16 वॉलनटिअर्स भर्ती किए गए थे।

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